श्री वराह गिरि वेंकट गिरि
 

 

10 अगस्त, 1894 को जन्में श्री वराह गिरि वेंकट गिरि ने नेषनल यूनिवर्सिटी, आयरलेैण्ड में षिक्षा ग्रहण की। श्री गिरि कई वर्षो तक ट्रेड यूनियन नेता रहे। वे अखिल भारतीय रेल कर्मचारी संघ के महासचिव तथा अध्यक्ष भी रहे। वे दो बार अखिल भारतीय टेªड यूनियन कांग्रेस के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। 1927 में जेनेवा में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में भारतीय श्रमिकों का प्रतिनिधित्व किया। 1931 में लंदन में आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में उन्होंने श्रमिकों के प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया। 1937 में उन्हें श्री लंका में भारत का उच्चायुक्त निुयक्त किया गया और वे इस पद पर 1939 तक रहे। 1952 में वे लोक सभा के सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए और उन्हें केन्द्रीय श्रम मंत्री नियुक्त किया गया। वे इस पद पर मई 1952 से सितम्बर 1954 तक रहे। 1958 में उन्हें भारतीय सामाजिक कार्य कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 1957 में वे उत्तर प्रदेष के राज्यपाल नियुक्त हुए और 1960 तक वे इस पद पर रहे। 1961-65 तक वे केरल के तथा 1965-67 तक वे मैसूर के राज्यपाल रहे। 6 मई, 1967 को उन्हें भारत का उपराष्ट्रपति नियुक्त किया गया और वे इस पद पर 24 अगस्त, 1969 तक रहे। 24 अगस्त, 1969 को ही उन्हें भारत का राष्ट्रपति नियुक्त किया गया।

 

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Term of Office

10-06-1957

to

30-06-1960
प्रकाषन-लेबर प्राब्लम्स इन इण्डस्ट्री, इण्डस्ट्रियल रिलेषन।