श्रीमती सरोजिनी नायडू
 

 

      हैदराबाद में जन्मी श्रीमती सरोजिनी नायडू का विवाह 1898 में डा0 एम0जी0 नायडू से हुआ। उन्होने हैदराबाद, किंग्स कालेज, लंदन तथा गिरटन कालेज, कैम्ब्रिज में षिक्षा ग्रहण की।

  

SMT SAROJINI NAIDU

Term of Office

15-08-1947

to

02-03-1949

         श्रीमती नायडू भारत के महिला आन्दोलन से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई थी। उन्होंने भारतीय विद्यार्थियों के हितों को भी आगे बढ़ाया। वर्ष 1923-29 तक वे बाम्बे म्यूनिसिपल कार्पोरेषन की सदस्य रहीं। ‘‘भारत छोड़ो’’ आन्दोलन के नेताओं में से वे एक थीं। 1925 में उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया वे इस संगठन की प्रथम महिला अध्यक्ष थीं। 1931 में लंदन में आयोजित हुई भारतीय गोलमेज सम्मेलन की प्रतिनिधि रहीं। वे दक्षिण अफ्रीका तथा पूर्वी अफ्रीका में बसे भारतीयों की ओर से इन देषों के राजनैतिक मिषन पर 1924 में गयीं। 1932 में दक्षिण अफ्रीका को भेजे गये भारतीय सरकार के प्रतिनिधिमंडल में उन्हें सदस्य के रूप में शामिल किया गया। 1947 में उन्हें उत्तर प्रदेष का राज्यपाल नियुक्त किया गया। हैदराबाद मंे उनके द्वारा किये गये बाढ़-राहत कार्यो के लिए उन्हें स्वर्ण कैसर-ए-हिन्द के पदक से सम्मानित किया गया।

 

            प्रकाषन-उनके काव्य संग्रह, द गोल्डन थ्रेष होल्ड, द बर्ड आॅफ टाइम तथा द ब्रोकेन विंग के अतिरिक्त उनकी कई कहानियां तथा लेख प्रकाषित हुए हैं। श्रीमती नायडू का निधन 2 मार्च, 1949 को हुआ।

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